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Google पर case करने की तैयारी में भारत …

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Competition commission of India (CCI) ने अल्फाबेट की कम्पनी Google के खिलाफ क़ानूनी कार्यवाही करने के फैसले पर गौर करने की तैयारी शुरू कर दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि USA  की Tech  कंपनी ने भारत में अपने एंड्रॉइड ऐप स्टोर के अंदर अपने Google पे ऐप को अधिक प्रमुखता से दिखाया है और जिसके कारण अन्य competitors से ज्यादा Google pay को फायदा हो रहा है।

Google pay  users को डिजिटल लेनदेन, अंतर-बैंक फंड ट्रांसफर और बिल भुगतान करने की अनुमति देता है।इसका प्रमुख competition Paytm पर wallmart के phone pay से है इन दोनों का भारत में प्रमुखता से उपयोग किया जाता है।फेसबुक का व्हाट्सएप भी आने वाले समय में इसी तरह की सेवा देने की योजना बना रहा है।

Google ने अभी तक आरोपों का जवाब नहीं दिया है और उम्मीद है कि वह उचित समय पर जवाब देगा।CCI अपनी जांच करने के बादमामले को खारिज करने का निर्देश दे सकता है अगर इसमें कोई ठोस सबूत नहीं मिलते है। Google CCI के सामने आएगा, जो बाद में आगे का रास्ता तय करेगा।
यह भारत में Google की तीसरी प्रमुख चुनौती है। 2018 में, CCI ने ‘search bias’ के लिए Google पर $ 21 मिलियन का जुर्माना लगाया।
यह आरोप लगाया गया था कि Google, search result को लेकर किसी एक जगह को प्रोमोट कर रह है। 2019 में, CCI ने Google पर आरोप लगाया था की Google, smartphone manufacturing कंपनियों को andriod के अलावा किसी अन्य operating system पर जाने का option नहीं देता।

Antitrust Law का दिया हवाला।

Antitrust law , जिसे competition law भी कहा जाता है इसका उद्देश्य व्यापार और वाणिज्य को अनुचित प्रतिबंधों, एकाधिकार और किसी एक कम्पनी की मार्किट में होने वाली dominance से बचाना है। यह कानून यह सुनिश्चित करता है कि मार्केट में एक open competition हो।
Competition Act , 2002 भारत का antitrust law है। राघवन समिति की सिफारिशों को मंजूर करते हुए इसने  एकाधिकार और प्रतिबंधात्मक व्यापार व्यवहार अधिनियम, 1969 (MRTP अधिनियम) को समाप्त कर दिया था।

Competition Act  2002

यह 2002 में पारित किया गया था और प्रतियोगिता (संशोधन) अधिनियम, 2007 द्वारा संशोधित किया गया था। यह modern competition  के कानूनों के philosophy पर आधारित  है।यह anti-competition agreement , उद्यमों द्वारा प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग  को नियंत्रित करता है, जो भारत के भीतर किसी competition को समाप्त कर सकता है ।
Amendment Act के प्रावधानों के अनुसार, Competition commission of India और Competition Appellate Tribunal (COMPAT) की स्थापना की गई। सरकार ने COMPAT को 2017 में National company law appellate tribunal (NCLAT) से बदल दिया।

Competition commission of India

यह एक statutory body है जो प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 के उद्देश्यों को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।इसमें केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त एक अध्यक्ष और 6 सदस्य।इसका प्रमुख कार्य प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली प्रथाओं को समाप्त करना है। प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और बनाए रखना। उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना।भारत के बाजारों में व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करें।

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