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Problem in Lockdown: पिता बोला- बेटियों का बाप हूं थकूंगा नहीं …! चाहे तपती धूप हो या 40 डिग्री सेल्सियस तापमान, इन्हें घर पहुंचाना है

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आपको श्रवण कुमार की कथा तो याद ही होगी! जिन्होंने अपने कंधे के ऊपर अपने अंधे मां बाप को सभी तीर्थ स्थानों के दर्शन कराने के लिए ले गए थे! लेकिन आज के समय में ऐसी कोई भावना है मिलना बहुत मुश्किल होता है! परंतु एक ऐसा दृश्य सामने आया है जिसको देखने के बाद श्रवण कुमार की ही याद आ जाती है! लेकिन इस बार यह काम मां-बाप के लिए नहीं बल्कि अपनी दो छोटी छोटी बेटियों की किया गया है! जी हां, यह वाक्य आंध्र प्रदेश का है! जिसने अपनी दो बेटियों के लिए आज के श्रवण कुमार का परिचय दिया है!

एक लकड़ी उस पर दो टोकरियों को अलग-अलग सिरे पर बांधा हुआ है, और उन टोकरियों में अपनी बच्चियों को बिठाया हुआ है! दरअसल यह शख्स अपने घर से बहुत अधिक दूरी पर अपनी तो ही रोटी के लिए काम धंधा कर रहा था! ऐसे में जब देश में लॉकडाउन लगा हुआ है लोगों को आने-जाने में कठिनाइयां हो रही है! दो जहां पर था वह वहीं पर रह गया अब ऐसे में लोग अपना अपना इंतजाम करके अपने घर तक पहुंचना चाह रहे हैं!

इसी उम्मीद को लेकर यह शख्स भी अपनी दो बेटियों को अपने कंधे पर उठाकर घर की तरफ रवाना हो गया! बताया जा रहा है कि यह शख्स आंध्र प्रदेश के करनूल से चला आ रहा है! जिसको छत्तीसगढ़ जाना है जो कि लगभग 1200 किलोमीटर का सफर पैदल चला है! जैसे ही वह सब अपने गांव की ओर बढ़ता तभी पुलिस ने उसे रोक लिया! पुलिस ने जैसे ही उसको देखा उसके बारे में जानकारी ली और उसको मदद का आश्वासन भी दिया! लेकिन तब तक पिता 1200 किलोमीटर चल चुका था!

मई का महीना है तपती धूप, सड़क के चारों तरफ कोई छाव नहीं, करीब 40 डिग्री सेल्सियस का टेंपरेचर, ऐसे में इस तरह से पैदल 1200 किलोमीटर चलना! वाकई में यह तस्वीर ऐसी सामने आई है जो मानवता को झकझोर कर रख देगी! लेकिन यहां सवाल सिर्फ पिता का नहीं बल्कि उसकी दो छोटी छोटी बच्चियों का भी है! जिनको पिता को घर तक पहुंचाना था इसलिए बिना तपती धूप देखे बिना रुके बस चलता रहा!

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