Mythology

श्री राम की छवि बिगाड़ने की कोशिश में था बीबीसी, प्रेम सागर ने बात का किया बड़ा खुलासा

Prem Sagar made a big disclosure that BBC was trying to damage the image of Shri Ram ,बीबीसी , BBC, Ramayan, prem sagar, ramanand sagar

Prem Sagar made a big disclosure that BBC was trying to damage the image of Shri Ram : 90 के दशक में रामायण का शुभारंभ हुआ! उस दौर में इस धारावाहिक में टीवी जगत में एक नई क्रांति ला दी थी! यह कार्यक्रम घर-घर देखा जाने लगा था! वहीं दूसरी ओर एक बार फिर से इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया! जो कि लगभग 30 साल बाद हुआ था! इसके बाद इस कार्यक्रम ने तमाम टीवी जगत के कार्यक्रमों रिकॉर्ड तोड़ दिए! हॉलीवुड की मशहूर वेब सीरीज गेम्स ऑफ थ्रोंस के भी रिकॉर्ड तोड़ दिए! गेम्स ऑफ थ्रोन को 17.5 मिलियन देखिए जाने का रिकॉर्ड था जो कि रामायण ने तोड़ दिया! रामायण ने 77 मिलीयन व्यूज का रिकॉर्ड बनाया!

लेकिन जैसे ही रामायण टीआरपी का रिकॉर्ड तोड़ने में सफल हुए तो कई बातें सामने आए! इनमें से एक था बीबीसी को लेकर! प्रेम सागर ने खुलासा किया कि बीबीसी रामायण को अपने प्लेटफार्म पर टेलीकास्ट करना चाहता था!

जिसके चलते रामानंद सागर, प्रेम सागर, अरुण गोविल और अरविंद त्रिवेदी इस कांटेक्ट पर साइन करने से पहले इंटरव्यू के लिए लिवरपूल स्टूडियो भी गए थे! लेकिन वहां पर उनके कंडीशन थी, उनका कहना था कि अरुण गोविल यानी श्री राम, जब स्टूडियो में आए तो अपनी पोशाक पहनकर आए! ताकि श्रीराम की पोशाक में ही उनका इंटरव्यू हो!!

लेकिन जब कोई ऐसी कंडीशन रखी गई तो रामानंद सागर और प्रेम सागर को यह प्रतीत हुआ कि भारत देश में श्रीराम को पूजनीय माना जाता है! ऐसे में श्री राम की छवि को खराब करने का प्रयास था! लंदन और बर्मिंघम के बीच टेलीफोनों पर ही एक बड़ी लड़ाई हो गई और आखिरकार उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर नहीं किया!

लेकिन वहीं इसके बाद महाभारत की बात हुई! लेकिन महाभारत को लेकर भी कुछ नकारात्मक चित्रण किया गया था! क्योंकि उस समय हर कोई टीआरपी के पीछे भाग रहा था! चाहे फिर वह नकारात्मक सोच से मिले या फिर सकारात्मक सोच से! हर कोई अपने आपको नंबर वन साबित करने की जंग में खड़ा था!

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top
// Infinite Scroll $('.infinite-content').infinitescroll({ navSelector: ".nav-links", nextSelector: ".nav-links a:first", itemSelector: ".infinite-post", loading: { msgText: "Loading more posts...", finishedMsg: "Sorry, no more posts" }, errorCallback: function(){ $(".inf-more-but").css("display", "none") } }); $(window).unbind('.infscr'); $(".inf-more-but").click(function(){ $('.infinite-content').infinitescroll('retrieve'); return false; }); $(window).load(function(){ if ($('.nav-links a').length) { $('.inf-more-but').css('display','inline-block'); } else { $('.inf-more-but').css('display','none'); } }); $(window).load(function() { // The slider being synced must be initialized first $('.post-gallery-bot').flexslider({ animation: "slide", controlNav: false, animationLoop: true, slideshow: false, itemWidth: 80, itemMargin: 10, asNavFor: '.post-gallery-top' }); $('.post-gallery-top').flexslider({ animation: "fade", controlNav: false, animationLoop: true, slideshow: false, prevText: "<", nextText: ">", sync: ".post-gallery-bot" }); }); });