Uncategorized

WHO की वह गलतियां जिससे पूरी दुनिया तबाही की और …

2002-03 की SARS महामारी के समय दी गयी ढीले ने डर, चिंता और मौत को बढ़ा दिया था! तब भी चीन महामारी को घरेलू रूप से स्वीकार करने के लिए तैयारनहीं हुआ था और इसके संभावित प्रसार के बारे में वैश्विक समुदाय को सूचित करने में विफल रहा। 2002-03 के एसएआरएस महामारी के दौरान, डब्ल्यूएचओ ने यात्रा प्रतिबंध की सिफारिश की थी और sars वायरस के बारे में देरी से बताने के लिए चीन की आलोचना भी की थी। डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी थी कि दुनिया SARS जैसे वायरस का आने वाले टाइम में भी खतरा है और दुनिया को उसके लिए सचेत रहना चाहिए!

Severe Acute Respiratory Syndrome (SARS), Pic Credit By: medicalnewstoday

ताइवान की चेतावनी को किया नजरअंदाज

जनवरी तक WHO यही मानता रहा की CORONA वायरस का संक्रमण मानव से मानव में नहीं होता जबकि बीजिंग ने भी  31 दिसंबर को डब्ल्यूएचओ को सूचित किया था की यह वायरस अक्टूबर तक मनुष्यों में फैल चूका है जनवरी में ताइवान ने भी इस बारे में WHO को इस बारे में सूचित किया था तब WHO ने इसे सिरे से ख़ारिज क्र दिया था! इससे WHO के ऊपर संदेह होता है की उसने चीन का पक्ष लिया क्योंकि सुचना मिलने के बाद भी WHO ने कोई जाँच नहीं की! WHO ने फरवरी में जाँच के लिए एक टीम को wuhan भेजा जो की संक्रमण का मुख्य केंद्र था! जाँच रिपोर्ट में भी चीन की विषेशताओं का दर्शाया गया!

पूरी दुनिया भुगत रही है नतीजा

PIC CREDIT BY : GOOGLE

WHO के इस ढीलेपन का नतीजा अब पूरी दुनिया भुगत रही है दुनिया भर के देशों में आर्थिक अर्थव्यवस्था खस्ता हाल में है! लाखों लोग अपनी जान गवा चुके है अमेरिका, स्पेन, इटली और अन्य पश्चिमी देशों में इसका प्रभाव बहुत ज्यादा पड़ा है इसका मुख्य कारण इन देशों में यात्रिओं का आवागमन सामान्य दिनों में बहुत ज्यादा रहता है और चीन से भी बहुत से यात्री आते है!

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

Quis autem vel eum iure reprehenderit qui in ea voluptate velit esse quam nihil molestiae consequatur, vel illum qui dolorem?

Temporibus autem quibusdam et aut officiis debitis aut rerum necessitatibus saepe eveniet.

Copyright © 2020 By Frustrated Indian

To Top